ॐ नवदुर्गा ॐ

 
ॐ नवदुर्गा ॐ
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शैलपुत्री स्तुति जगत्पजये जगद्वन्द्ये सर्वशक्तिस्वरूपिणि। सर्वात्मिकेशि कौमारि जगन्मातर्नमोsस्तु ते॥ ब्रह्मचारिणी स्तुति त्रिपुरां त्रिर्गुणाधारां मार्गज्ञानस्वरूपिणीम् । त्रैलोक्यवन्दितां देवीं त्रिमूर्ति प्रणमाम्यहम् ॥ चन्द्रघण्डा स्तुति कालिकां तु कलातीतां कल्याणहृदयां शिवाम् । कल्याणजननीं नित्यं कल्याणीं प्रणमाम्यहम् ॥ कूष्माण्डा स्तुति अणिमाहिदगुणौदारां मकराकारचक्षुषम् । अनन्तशक्तिभेदां तां कामाक्षीं प्रणमाम्यहम् ॥ स्कन्दमाता स्तुति चण्डवीरां चण्डमायां चण्डमुण्डप्रभञ्जनीम् । तां नमामि च देवेशीं चण्डिकां चण्डविक्रमाम् ॥ कात्यायनी स्तुति सुखानन्दकरीं शान्तां सर्वदेवैर्नमस्कृताम् । सर्वभूतात्मिकां देवीं शाम्भवीं प्रणमाम्यहम् ॥ कालरात्रि स्तुति चण्डवीरां चण्डमायां रक्तबीज-प्रभञ्जनीम् । तां नमामि च देवेशीं कालरात्रीं गुणशालिनीम् ॥ महागौरी स्तुति सुन्दरीं स्वर्णसर्वाङ्गीं सुखसौभाग्यदायिनिम् । सन्तोषजननीं देवीं महागौरी प्रणमाम्यम् ॥ सिद्धिदात्री स्तुति दुर्गमे दुस्तरे कार्ये भयदुर्गविनाशिनि । प्रणमामि सदा भक्तया दुर्गा दुर्गतिनाशिनीम् ॥
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